मेरे घर के बाहर आम का एक पेड़ है।उस पर बहुत सारी चिङियां और दो गिलहरी 🐿️ का जोङा रहता था।
वो दोनों अपने बच्चों के साथ बहुत प्यार से उस पर रहते थे, उनके चार बच्चे थे। एक दिन बहुत बारिश हो रही थी।।बारिश के वजह से हम सब बाहर नहीं जा पा रहे थे। की गिलहरीयों को कुछ खाने का इंतजाम कर पाते हम सभी यही सोच रहे थे।कि अचानक खिङकी के दरवाजे पर एक गिलहरी आ कर बैठ गई। लगा  जैसे वह मुझसे कुछ कह रही हो। मैंने खिड़की के पास देखा कि ये क्या कर रही है। मैं उसके पास ज्यो गई वह पेङ पर चढ गई। मैंने बाहर जा कर देखा की वह पके हुए आम को खाने की सोच रही थी। तभी एक चिङिया ने अपने चोंच से आम को गिरा दिया । और गिलहरी ने पेङ पर से उतर कर गिरे हुए आम को अपने बच्चों के साथ खाने लगी,खाकर वो सब उसी पेड़ पर जा कर बैठ गए। मुझे ऐसा लगा कि उनकी भूख शांत हो गई।
मेरे आंखों से ये नजारा ओझल ही नहीं होता। ये मनोरम दृश्य देख कर मेरा मन प्रसन्न हो गया।आज भी मुझे याद है वो दिन।

अर्चना पांडेय,, आर्ची