"मातृभूमि की आन तिरंगा, मातृभूमि की शान तिरंगा।"
हम सब का अभिमान तिरंगा।
जन गण मन का गान तिरंगा।।
युगो यूगो से इस धरती पर योद्धाओं ने जन्म लिया है।
इस धरती के दुश्मन से हर दम लड़ करके मुक्त किया है।।
रक्त बहा कर अपना धरती
का सम्मान बचाया है।
इसीलिए अपना यह भारत
बलिदानी कहलाया है।।
नतमस्तक होकर अब देखो, पूजे हिंदुस्तान तिरंगा।
हम सब का अभिमान तिरंगा।
जन गण मन का गान तिरंगा।।
जब जब संकट पड़ा धरा पर तब तब पौरुष दिखलाया है।
मातृ भूमि की शान बचाने सीने पर गोला खाया है।।
भारत के रणवीरो ने,
अपने परचम को लहराया है।
विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, वीरों ने मिल कर गाया है।।
बढ़ो साथियों अब फिर हमसे, मांग रहा बलिदान तिरंगा।
हम सब का अभिमान तिरंगा।
जन गण मन का गान तिरंगा।।
देश की रक्षा की खातिर , कितनों ने झेला दुखड़ा है।
कहीं मांग उजड़ी तो कोई गया जिगर का टुकड़ा है।
कहीं चूड़ियां टूटी हैं तो,
कहीं रोई कोई राखी।
मातृभूमि के लिए किसी ने,
थामी कर में बैशाखी।।
लेकिन फिर भी बना हुआ है, सबसे आलीशान तिरंगा।
हम सब का अभिमान तिरंगा।
जन गण मन का गान तिरंगा।।
अम्बिका झा 👏

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