आती है जब यादें पुरानी अच्छा लगता है ।
वह रिमझिम सी बारिश, वह सखियों का मेला
वह मौजों की रवानी, लड़कपन की कहानी
अच्छा लगता है।
आती है जब...................
पिकनिक की खिचड़ी, वह धनिए की चटनी,
वह आटे का हलवा ,वह नलके का पानी
अच्छा लगता है ।
आती है जब......................
वह लड़ना झगड़ना, वह रूठना मनाना
किसी भी बहाने गले लग जा ना
अच्छा लगता है।
आती है जब......................
वह अल्हड़ सा जीवन सब बिखरा - फैला
वह फुचके का ठेला गिनती का झमेला
अच्छा लगता है।
आती है जब........................
खेत की गीली मिट्टी, पगडंडी पर चलना
थोड़ा लड़खड़ाना कभी फिसल जाना
अच्छा लगता है।
आती है जब.......................
रात भर जाग कर गुड़ियों का घर बसाना
गुड्डे - गुड़ियाकी शादी में गाना बजाना
अच्छा लगता है ।
आती है जब.......................
.......✍️ पिंकी मिश्रा भागलपुर बिहार

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