टिक टिक टिक टिक करती घड़ी कभी ना होती खड़ी।
चलते चलते समय बताएं काम करोगे यही सिखाए।।
जो है समय के साथ चलता वह हर दम ही आगे बढ़ता।
चुन्नू मुन्नू जल्दी उठते पाठ समय पर अपना पढ़ते।।
दीदी कहती पढ़ लो भाई सबसे अच्छी यही कमाई।
जो पढ़ने से मन चुराता वह पीछे ही होता जाता।।
भैया बोला क्या करते हो तुम दिन भर खेला करते हो।।
नानी आई खुशियां लाई सब ने खाई खूब मिठाई।
नन्ही नन्ही बूंदे आई बरसा में सब भीगे भाई।।
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित सर्वाधिकार सुरक्षित डॉआशा श्रीवास्तव जबलपुर

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