बालों में गजरा ,आंखों में कजरा,भर के मांग में सिंदूर!!
लगा के हाथों में मेहन्दी,चली लगा के पाँव में महावर!! 
बिंदी,चूड़ी ,कंगना, झुमका!!
नथनी, बिछिया ,पायल!!
 साड़ी लहंगा चुनरी!!
करके 16 श्रृंगार, 
चली है सजनी अपने पिया के द्वार!! दिन भर रहकर निर्जिला उपवास,
करवा माता की करे उपासना,और करे  इंतज़ार चौथ के चाँद  का।
आज थोड़ा तरसाएगा , इंतज़ार भी करवाएगा!!
 ये है करवा चौथ का चांद , आज जल्दी नज़र न आएगा!! 
सजा के थाली में पूजन के समान,
लेके प्यार भरे अरमान!!
 पाने अखंड सौभाग्य को करती है पूजा सुहागने  करवा चौथ की!!
मिले अखण्ड सौभाग्य सभी को 
 यही है करवा माँ से प्रार्थना!!

एकता श्रीवास्तव