मत बना तू मुझे अपनी सीता
नही बनना मुझे तेरी धड़कन
नही चलना बन तेरा हमसफ़र
चाहे तो मुझको प्यार ना कर
या चाहे कोई रिश्ता भी ना बना
तू मुझको बना ले आँखो का काजल
हाँ मुझको बना ले आँखों का काजल
जो आँखो में तेरी कुछ यूँ समा जाए
जहाँ दिल की धड़कन भी पहुँच ना पाए
जब आए तेरी आँखों में आँसूं
सँग आँसुओं के मेरा भी अस्तित्व मिट जाए
कुछ मुहोब्बत ऐसी तुझसे कर लूँ
तेरे हर रँग में खुद को रँग लूँ
जिधर घुमाए नजर तू अपनी
बन काजल तेरे साथ मैं चल लूँ।
इस तरह का रिश्ता तुझसे बनाऊं मैं
बन काजल आंखों में समाऊं मैं
तुझे लग ना जाए कोई बुरी नजर
तेरी बुरी नजर से भी बचाऊँ मैं
थोड़ा सा काजल आँखों से लेना अपनी
बस कान के पीछे लगा लेना
कोई बुरी नजर तुम्हे छू भी ना पाए
खुद को यूँ नजरों से बचा लेना
साजन मिट जाऊँ तेरे लिए मैं
बनकर काजल तेरे सँग चलूँ
साया भी जब साथ ना होवे
तेरी आँखों मे समाकर साथ निभाऊं
कुछ ऐसी प्रीत निभाऊं मैं
तेरे प्यार में खुद को मिटाऊं मैं
बनकर काजल तेरे नैनो का साजन
काले रँग को भी अपनाऊँ मैं
प्रीत का रँग लाल चुने सब
सुहाग का रँग भी लाल चुने सब
मेरे प्यार की गहराई ने
प्रीत का रँग चुना है काला
मेरे साजन मुझको बनालो
आँखो का काजल मतवाला।
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